आताश्रीकि हरजाई कविताका भाग #२

प्रभाशंकर  जोशी उमरमे छोटा था मेरा वो भाई
कठिन समस्या हल करके वो  अफ्रीका अमेरिका जाई   ….सन्तोभाई   ११
  पानी  भरकर बर्तन  सरपर  दौडकि हुई  हरिफाई
 जवां लड़कियां  पीछे रह गई  भानु पहली आई   …सन्तोभाई  १२ 
पानीका  झग़डा पोलिस लाइन में   होताथा  मेरे भाई
दल्पतरामने भानुमतिकि  नलसे दोल हटाई   …सन्तोभाई   १३
रणचण्डी  बन भानुमतिंे ने  अपनी दोल उठाई
दलपतरामके  सरमे ठोकी  लहू लुहान हो जाई  ….सन्तोभाई   १४
अब वो भानु चल नहीं सकती  निर्बल  होती जाई
अपने हाथों  खा नहीं  सकती कोई खिलावे तो खाई   …सन्तोभाई  १५
दो हज़ार सात अगस्तकि  जब दूसरी तारीख  आई
इस फानी दुनियाको  छोड़के भानने लीनी विदाई   …सन्तोभाई    १६
भानुमति  जब स्वर्ग गई तब उदासीनता  छाई
गोरी  लड़की आन  मिली तब(परवरदिगारने  मेरी मायूसी  हटानेके  लिए  भेजा) मायूसी चली जाई। ..सन्तोभाई  …१७
नंगे पाऊ बकरियां  चराई  कॉलेज डिग्री पाई
कोलगेटने  उसकी बुध्धि  परख कर नई नई शोध करवाई   …सन्तोभाई  ..१८
घरमे बैठके लिखता पढ़ता यार्डमे  करता सफाई
सुरेश जॉनीने  उसकी कलाको  मुल्क मशहूर  करवाई   ..सन्तोभाई   ..१९
गोरधन भाई पोपटने एक दिन सिंहण मार गिराई
जब गोरधन भाई निर्बल  हो गए थे  मख्खी  उड़ाई न जाई  …संतो भाई   २०
एक गुजराती पटेल सपूतने   श्रीजीसे  माया लगाई 
श्रीजी  आके  ह्रदय बिराजे तब कई मंदर  बन जाई  …संतोभाई   २१
भगवान एक्टरने अपनी अलबेला  मूवी बनाई
नाम कमाया  दाम कमाया अंत करुण हो जाई  …सन्तोभाई   २२
ग्रीस देशके  सिकन्दरको समयने जित करवाई
जब गयथा छोड़के दुनिया  खाली हाथों   जाई  …सन्तोभाई   २३
स्टेशन ऊपर नरेंद्र मोदी बेचता था वो चाई 
समयने उसको साथ दिया तो  वडा प्रधान  बन जाई  ..संतो भाई   २४
काले कर्म तुनेबहोत किए थे  जब थे बाल काशाई   .
अब तुझको  सुधरजना  होगा बालने सफेदी दिखाई   …संतो भाई  २५
देख तपस्या  विश्वामित्रकी  इंद्रको इर्षा  आई
इन्द्रने  भेजी अप्सरा  मेनका  तपस्या  भंग  हो जाई  ..सन्तोभाई   २६
ऋतुमती  मेनका ऋषिको भेटि  जोरसे बाथ भिड़ाई
मेनका ऋषि विश्वा मित्रसे गर्भवती   हो जाई  …सन्तोभाई   ..२७
शकुंतलाका  जन्म हवा तब  ऋषिको देने आई
ऋषिने साफ़ इनकारकिया तब  कण्व  मुनिके पास जाई  …सन्तोभाई  ..२८
छोटी शकुंतला  कण्व मुनिके आश्रममें  जब आई
कामधेनुका दूध पि करके  जल्द जवां  हो जाई  …संतोभाई   …२९
जवां शकुंतला  फुलवाडिमे  फूल चुँटनेको जाई
हवा आकर्षित  राजा दुष्यंत  गांधर्व  लग्न हो जाई  …संतोभाई   ..३०

आपके जैसे दोस्तों मेरा होसला बढ़ाते हो .मै जो कुछ हु, ये आपके जैसे दोस्तोकी बदोलत हु, .......आता अताई

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