पोलिस इंस्पेक्टर श्री पाटिल कानके कच्चे और दिलके सच्चे थे .

આ વાત હું  સુરતી ઊંધિયા વાળા બ્લોગર  શ્રી  વિપુલ દેસાઈ નાં કહેવાથી લખું છું  .            હું અમદાવાદમાં   માધુપુરા  પોલીસ સ્ટેશનમાં   પોલીસ હેડ કોન્સ્ટેબલ  તરીકે નોકરી  કરતો હતો  ત્યારે  પોલીસ ઇન્સ્પેકટર  શ્રી  પાટીલ  હતા   .  તેઓ  કાચા કાનના હતા   . કોઈના  ન નામા કાગળ ઉપર પણ ધ્યાન આપતા   .  એક વખત  કોઈ  સ્વાધ્યાયી  સજ્જન  માણસના  ઇર્ષાળુ  એ  એક નનામો પાટીલ સાહેબ ઉપર કાગળ લખ્યો  એમાં  લખ્યું હતું કે    ઝખરા  રામ  નાં ઘર પાછળના  કબૂતરના પીંજરા પાછળ  દારુ છે  . મારી નોકરી આ વખતે  અસારવા  પોલીસ ચૌકી ઉપર હતી.  મને  પાટીલ સાહેબે  આ બાબત તપાસ કરવાનું કીધું   . મને માતાનો   zkhrani sjjntaani khabr  hati  etle me zkhrani kahevdaavyu ke  ti dharmik vrutino sjjn  maans chhe  .  etle me  zakhrane kahevdavyu ke  tara kbutrna paanjraa paachhl  daaruni baatl koie kuki chhe e tu aaghi paachhi  kri naakh hu  panch  line aavu chhu  hu tyaa be pnchna maans laine gyo  ane kshu mli aavyu nthi  evu pnch naamu  karine sahebne khabr aapi
  computer  brabar chaaltu n hovaathi  hu gujratimaa lkhi shaku em nthi  etle have maare n chhutke lkhvaanu bandh karvu pde chhe   . aa maate  hu  dil gir chhu  .

 

11 responses to “पोलिस इंस्पेक्टर श्री पाटिल कानके कच्चे और दिलके सच्चे थे .

  1. pragnaju January 25, 2016 at 7:03 pm

    મહાન સમ્રાટો વિદેશીઓ સામે કેમ ટકી ન શક્યા કારણ કાચા કાનના હતા અને ભૌતિકતાની ચકાચોંધથી આકર્ષાઈને ભારત વિરોધી થઈ ગયા હતા તો પોલીસ ઇન્સ્પેકટર શ્રી પાટીલ…પણ અંતે સત્યનો જય

    • aataawaani January 26, 2016 at 4:54 am

      hu polis anubhav lkhvamaa maare thodu dhyaan raakhvu pdshe , police vgovaay evi sachi vaat hashe topn nhi lkhu aakhar hu pn police hto pragna ben

    • aataawaani January 26, 2016 at 5:36 am

      मेरे प्यारे भाइओ और बहनो आप मेंसे किसीने मेरा जवान लड़कीोंकीओंके साथका फोटा देखकर किसीने मुझे यह नही कहा की आप युवतियोंकी साथ तस्वीर खिंचवाते हो वो बहुत बुरी बात है . आपको इस उम्रमे तस्वीर फेरनी चाहिए लड़कियां आपका भला नही करेगी वो आपको स्वर्गमे नही ले जाएगी भगवानका भजन कीर्तन स्वर्गमे ले जाएगा . मगर इसी जीवनमे मुझे लड़कियां स्वर्गका सुख देती है . मुझे जब नागने दंश दिया था तब मुझे यम देवताने पुछाथा हो की अय स्त्रीओंका पुजारी अब तू स्वर्ग तक आ पहुंचा है बोल तुझे किस जगा जाना है . मगर चित्रगुप्त (कातिब) ने स्वर्गकी अंदर जाने नही दिया वापस पृथ्वी लोकमे आपकी पास भेज दिया .
      . इस्राफ़िलने (यमने) पूछा जिनामे ले जाऊँ कहां तुझे
      मैंने कहा हूरोंकी गलीमें लेजा मुझे

    • aataawaani January 26, 2016 at 8:46 am

      आज पाटिल साहबकी और बाते भी लिखूंगा

  2. dee35(USA) January 25, 2016 at 7:29 pm

    વડીલશ્રી આપનું કોમ્પુટર કામકરતું થાય પછી અધુરી વાત કરશો તો મઝા આવશે.આપના અનુભવો વાંચવાની મઝા આવે છે.મુશ્રી પ્રજ્ઞાબહેને કહ્યું તેમ સત્યનો હંમેશા વિજય થાય છે.આભાર.

    • aataawaani January 26, 2016 at 4:49 am

      tmaro hu ghano bdho aabhaar maanu chhu .
      mu ntmara jeva utsah prerk mitro mne aalsu nahi thva dye . computer saaru thaay to bhale nhitr hu nvu kharidi laish .

      • aataawaani January 26, 2016 at 5:38 am

        मेरे प्यारे भाइओ और बहनो आप मेंसे किसीने मेरा जवान लड़कीोंकीओंके साथका फोटा देखकर किसीने मुझे यह नही कहा की आप युवतियोंकी साथ तस्वीर खिंचवाते हो वो बहुत बुरी बात है . आपको इस उम्रमे तस्वीर फेरनी चाहिए लड़कियां आपका भला नही करेगी वो आपको स्वर्गमे नही ले जाएगी भगवानका भजन कीर्तन स्वर्गमे ले जाएगा . मगर इसी जीवनमे मुझे लड़कियां स्वर्गका सुख देती है . मुझे जब नागने दंश दिया था तब मुझे यम देवताने पुछाथा हो की अय स्त्रीओंका पुजारी अब तू स्वर्ग तक आ पहुंचा है बोल तुझे किस जगा जाना है . मगर चित्रगुप्त (कातिब) ने स्वर्गकी अंदर जाने नही दिया वापस पृथ्वी लोकमे आपकी पास भेज दिया .
        . इस्राफ़िलने (यमने) पूछा जिनामे ले जाऊँ कहां तुझे
        मैंने कहा हूरोंकी गलीमें लेजा मुझे

  3. રીતેશ મોકાસણા January 26, 2016 at 6:46 am

    ખુબ મજાની વાત છે આતા.

  4. Vimala Gohil January 26, 2016 at 5:33 pm

    તાજી, અધુરો લેખ પુરો કરીને મોકલો એ રાહ જોઉં છું.

    • aataawaani January 27, 2016 at 7:18 am

      प्रिय विमला बेन
      बस एक बे दिवसमाज लखीश . मारू लेप टॉप गुजरती अक्षरोंमा लखवा नथी देतु इटली हिन्दीमा लखीश .

आपके जैसे दोस्तों मेरा होसला बढ़ाते हो .मै जो कुछ हु, ये आपके जैसे दोस्तोकी बदोलत हु, .......आता अताई

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