आर्योंकी संस्कृतिको मज़हब बना दिया .

आर्योंकी संस्कृति को  मज़हब बनादिया
बुलंद तत्व ज्ञान  मुख्य सर  बना दिया। …. १
दुनियाको  नफरतोंे ने  दोज़ख  बनादिया
जन्नतसा  था जहाँ उसे जहन्नुम  बनादिया। …२
साबिक़ीन अच्छे भले ख़ास पाक लोग थे
ज़मनेने आज उसको  ज़ालिम  बनादिया। ..३
तहज़ीब नाइने लोगका  बेडा गरक किया
आदाब भुला दिया और मर्दक  बना दिया। ..४
इक माहजबीने  भूलसे  वोडका पिला दिया
दूसरीने लबो चुमके  ताहिर बना दिया  …५
“आता ” आकिल होनेको  जा -ब  – बजा  फिरा  –
कामिलने  दिया  बोध और  माहर बना दिया  …६

2 responses to “आर्योंकी संस्कृतिको मज़हब बना दिया .

  1. pragnaju December 10, 2015 at 6:51 pm

    आर्योंकी संस्कृति को मज़हब…
    सचमुच अब इस प्रकारका संदेह किया जाने लगा है कि पंजाबसे होकर आर्योंके आक्रमण करनेकी सारी कहानी ही कहीं ….. ऋषि स्वयं वैयक्तिक रूपसे सूक्तका निर्माता नहीं था, वह तो द्रष्टा था एक सनातन सत्यका और एक अपौरुषेय ज्ञान का । ….. रूपोंमें इससे पहलेका है और जिसने देशके संस्कृत-साहित्यमें लेखबद्ध पायी जानेवाली संस्कृति और सभ्यताकी नींव डाली ।

    • aataawaani December 10, 2015 at 7:22 pm

      પ્રિય પ્રજ્ઞા બેન ઋષિઓએ પોતાની દીર્ઘ દૃષ્ટિ થી માનવ હિત માટે અજબ ગજબનું કાર્ય કરી ગયા છે .

      Ataai ~sacha hai dost hagiz juta ho nahi sakta   jal jaega sona firbhi kaalaa ho nahi sakta                Teachers open door, But you must enter by yourself.

आपके जैसे दोस्तों मेरा होसला बढ़ाते हो .मै जो कुछ हु, ये आपके जैसे दोस्तोकी बदोलत हु, .......आता अताई

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