दिपावली

जबतक रहे तू ज़िंदा  पौष्टिक  खुराक  खाना
इक दिन ज़रूर मरना फिरसे नही है आना
जब तक रहे तू ज़िंदा  कुछ काम करते रहना
काम तुझको मार डाले इतना ज़्यादा न करना
खर्च किया वो धन था तेरा  धन कमालेनेके बाद
बाकी धन खर्चेगा कोई तेरे मरजाने के बाद
खलवत  है  तन्हा में हुँ मुबारक है तेरा आना
तुहफा अगरचे लाना  सहबका खुम लाना
मेरे मय गुसारको भी तुम साथ  लेके आना
साग़र बदल बदल के पि लेना और पिलाना
तौहीन  मयक़देकी  यारो कभी न करना
पीना नही न पीना  सब छोड़ घरको जाना
सब साथ मिलके पीना खुदाको न भूल जाना
“आता ” को साथ लेके मयखाना  सिम्त जाना

——————
खल्वत = एकांत
तन्हा = एकाकी
मुबारक = शुभ
तुहफ़ा= भेट
सहबा = रक्त वर्णीय  मदिरा   . लाल रंगका शराब
खुम = मटका
मयगुसार = शराबी दोस्तों
सागर = शराब पीनेका प्याला
तौहीन = तिरस्कार
मयकदा = बार
सिम्त  = तरफ

आता  की  ओरसे
सब  दोस्तोको
शुभ दीवाली
साल मुबारक

2 responses to “दिपावली

  1. pragnaju November 14, 2015 at 7:43 am

    جب تک رہے تو زندہ متناسب خوراک کھانا
    اک دن ضرور مرنا بعد پھر نہیں ہے آنا
    جب تک رہے تو زندہ کچھ کام کرتے رہنا
    کام تجھ مار ڈالے اتنا زیادہ نہ کرنا
    خرچ کیا وہ دولت تھا تیرا دولت كمالےنےكے بعد
    باقی دولت كھرچےگا کوئی تیرے مرجانے کے بعد
    كھلوت ہے تنہا میں ہوں مبارک ہے تیرا آنا
    تهپھا اگرچہ لانا سهبكا خم لانا
    میرے مے گساركو بھی آپ کے ساتھ لیکے آنا
    ساغر بدل بدل کے پ لینا اور پلانا
    توہین ميقدےكي یارو کبھی نہ کرنا
    پینا نہیں نہ پینا تمام چھوڑ گھركو جانا
    سب ساتھ ملکے پینا كھداكو نہ بھول جانا
    “آتا” کو ساتھ لے کر ميكھانا سمت جانا
    تمام دوستوكو شبھ دیوالی سال مبارک

  2. dee35(USA) November 14, 2015 at 8:52 am

    मु.हींमतभाइ,आपने पण सालमुबारक.    Deejay. . From: આતાવાણી To: dthakore35@yahoo.com Sent: Saturday, November 14, 2015 8:34 AM Subject: [New post] दिपावली #yiv0445294563 a:hover {color:red;}#yiv0445294563 a {text-decoration:none;color:#0088cc;}#yiv0445294563 a.yiv0445294563primaryactionlink:link, #yiv0445294563 a.yiv0445294563primaryactionlink:visited {background-color:#2585B2;color:#fff;}#yiv0445294563 a.yiv0445294563primaryactionlink:hover, #yiv0445294563 a.yiv0445294563primaryactionlink:active {background-color:#11729E;color:#fff;}#yiv0445294563 WordPress.com | સુરેશ posted: “जबतक रहे तू ज़िंदा  पौष्टिक  खुराक  खानाइक दिन ज़रूर मरना फिरसे नही है आनाजब तक रहे तू ज़िंदा  कुछ काम करते रहनाकाम तुझको मार डाले इतना ज़्यादा न करनाखर्च किया वो धन था तेरा  धन कमालेनेके बादबाकी धन खर्चेगा कोई तेरे मरजाने के बादखलवत  है  तन्हा मे” | |

आपके जैसे दोस्तों मेरा होसला बढ़ाते हो .मै जो कुछ हु, ये आपके जैसे दोस्तोकी बदोलत हु, .......आता अताई

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