कृपा भाई भगवंतकी आये अमेरिका देश ,(मगर )तीनो अवगुण ना गए खटपट , निंदा ,द्वेष .

Advertisements

2 responses to “कृपा भाई भगवंतकी आये अमेरिका देश ,(मगर )तीनो अवगुण ना गए खटपट , निंदा ,द्वेष .

  1. pragnaju જાન્યુઆરી 5, 2015 પર 5:55 એ એમ (am)

    सभी द्वेष ,निंदा गुरु के चरण में,सभी कुछ समर्पण समर्पण,समर्पण,समर्पण,समर्पण अपने ह्रदय से मै, …
    थोडा सा आराम मिला है,मुझको जीवन की खटपट में उलझा रहा और की रट में,मं में प्यार भरी चाहत थी आह मिली तो होकर आहत,राह ढूंढता था राहत ..

    • aataawaani જાન્યુઆરી 5, 2015 પર 1:36 પી એમ(pm)

      પ્રિય પ્રજ્ઞા બેન
      શાસ્ત્ર કારોએ કામ ,ક્રોધ ,મદ , લોભ મોહ , અને મત્સર આ આપણા અંદરુની શત્રુ છે એમ લખી ગયા ,પણ એમાં આપણા તરફથી સાતમો શત્રુ આળસ ઉમેરવાની જરૂર છે . તમને કેમ લાગે છે .?

आपके जैसे दोस्तों मेरा होसला बढ़ाते हो .मै जो कुछ हु, ये आपके जैसे दोस्तोकी बदोलत हु, .......आता अताई

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / બદલો )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / બદલો )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / બદલો )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / બદલો )

Connecting to %s

%d bloggers like this: